इनका वही मकसद है जो यहूदियो का मकसद है : जब सलाहुद्दीन अय्यूबी ने यहूदियों को मस्जिद में इमामत करते पकड़ा!

 

पादरियों की पूजा:

अदी बिन हातिम रजियल्लाहु अन्हु बयान करते हैं कि मैं नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सेवा में इस हालत में उपस्थित हुआ कि मेरी गर्दन में सोने की क्रूस थी तो आपने कहा:

“अदी! अपनी गर्दन से इस मूर्ति को उतार फेंको।”

मैं उसे उतार कर आपके करीब हुआ तो आप सूर: बराअ: की इस आयत की तिलावत कर रहे थे:

” उन्होंने अपने विद्वानों और पादरियों को अल्लाह के सिवा रब बना लिया था।”

जब आप तिलावत से फारिग हुए तो मैंने कहा:

“हम उनकी इबादत नहीं करते थे।”

आप ने फरमाया:

“क्या वह अल्लाह की हलाल की हुई चीजों को हराम नहीं ठहरा देते थे और फिर तुम भी उन्हें हराम समझ लेते थे और क्या अल्लाह की हराम की हुई चीजों को हलाल नहीं ठहरा देते थे और फिर तुम उन्हें हलाल समझ लेते थे।”

मैंने कहा: “हां क्यों नहीं (हम ऐसा ही करते थे)”

तो आप ने फरमाया: “यही तो उनकी इबादत करना है।”

(सुनन तिर्मीज़ी: 3095)

याद रखो ऐसी कौम जल्द ही फना हो जाती है जो अपने दुश्मन को दोस्त समझती हो

 

सलाहुद्दीन अय्यूबी रह○ ने ऐसे यहूदियो को पकड़ा जो मस्जिदो मे इमामत करते थे, जिनको दीन की जबरदस्त मालूमात थी और आज जब फेसबुक पर हम किसी गैर मुस्लिम आई टी सेल से बात करते है तो हमे पता चलता है कि कुछ इसलाम मुखालिफ लोग भी इसलाम की मालूमात रखते है, जबकि इनका भी वही मकसद है जो यहूदियो का मकसद है यानि इसलामी शिक्षाओ के खिलाफ मुसलमानो की जहनसाजी

अफसोस तब होता है जब इन आई टी सेल को जवाब देने के बजाये मुस्लिम नोजवान गाली-गलौज करते है क्योंकि मुसलमानो की बड़ी तादाद जाहिल है जबकि आर एस एस की शाखाओ मे जहा सनातन धर्म की शिक्षा दी जाती है वही मुसलमानो के प्रति नफरत की शिक्षा भी दी जाती है इनकी किताबो मे इसलाम धर्म और मुसलमानो के साथ साथ मुगलो के इतिहास भी बदले गये जिनमे मुगलो पर झूठे इल्जाम लगाकर हिन्दुओ को मुसलमानो व मुगलो के खिलाफ किया गया ( देखे पुस्तक:- इतिहास के साथ अन्याय )

बरसो से जो काम यहूदी करते आ रहे है उसी रास्ते पर भारतीय ब्राह्मण चल पडे़ है बरसो से भारत फिलिस्तीन को सपोर्ट करता आया है लेकिन अब इज्राईल को समर्थन करने लगा है

Rss मस्जिदे जरार बनाने की तैयारी कर चुका है और मदरसे बनाने का ऐलान कर चुका है

हाथी के दाँत खाने के ओर दिखाने के ओर होते है

यहूद व ब्राह्मण वो नस्ल है जो दोस्त बनकर पूरी नस्ल को खा जाए ये दोनो कौम जितना छल कपट करती है शायद ही दुनिया की दूसरी कौमे इतना छल कपट करती हो इसलिए मुसलमानो को चाहिए बड़ी सोच समझ कर इन लोगो पर विश्वास करे

सोचिए जिस संगठन की स्थापना ही मुसलमानो के खिलाफ हो क्या वो कभी मुसलमानो का खैरख्वाह हो सकता है

मुसलमानो से हमदर्दी का दिखावा वो मायाजाल है जिसमे मुसलमान फंस गए है और आगे भी फंसते रहेगे

दरअसल मुसलमानो का दीनी शऊर के साथ साथ सियासी शऊर भी खत्म हो चुका है जिसकी वजह से मुसलमान दोस्त व दुश्मन की तमीज करना भूल गया है

याद रखो ऐसी कौम जल्द ही फना हो जाती है जो अपने दुश्मन को दोस्त समझती हो

याद रहे हक व बातिल की जंग हमेशा से रही है खुद नबियो ने इन बातिल ताकतो के खिलाफ हथियार उठाये

सलेबी जंग हो या यहूदियो का फितना या भारतीय कट्टरपंथी संगठन दरअसल ये सभी इसलाम मुखालिफ है जिनका एजेंडा हमेशा से इसलाम विरोधी रहा है

मुसलमानो को जरूरत है कि एक मंच पर आये और इन एंटी इसलामी लोगो के खिलाफ सफ बस्ता होकर फितना ए इल्हाद का मुकाबला कीजिए

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