देश के कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात : 14 लोगों की मौत : रिपोर्ट

 

भारत के कई क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण इस देश के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।

उत्तर भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश से राहत के साथ आफत भी देखी जा रही है। बारिश होने से नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। मैदानी इलाकों में जलजमाव से लोगों की परेशानी बढ़ गई है जबकि पहाड़ों में भूस्खलन के साथ ही सड़कें टूटने लगी हैं।

मिजोरम में भारी बारिश के कारण तुलबुंग शहर बाढ़ में पूरी तरह से डूब गया है। असम के 33 जिलों में से आधे जिले बाढ़ का दंश झेल रहे हैं। इन जिलों के लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं। पिछले कई दिनों से उत्तर बंगाल के विस्तृत इलाके में लगातार हो रही बारिश की वजह से बीरभूम नगर में बाढ़ के हालात बन गए हैं। इस जिले से होकर बहने वाली अजय नदी में पानी, खतरे का निशान पार करते हुए आसपास के गांवों में घुस गया है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से बताया गया है कि जिले के 50 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार ब्रह्मपुत्र नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण कई जिलों में बाढ़ आ गई है जिसके कारण लाखों लोगों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। बाढ़ के कारण अबतक हजारो हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है। नदियों के कटाव के कारण बहुत से गांवों पर अस्तित्व बचाने का खतरा मंडरा रहा है। 50 से अधिक सड़कें और दर्जन भर पुल पानी में डूबे हैं।

कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार वर्षा से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले कई दिनों से जारी लगातार बारिश से जनजीवन खासा प्रभावित हुआ है। गोरखपुर, सीतापुर, कुशीनगर, बस्ती, वाराणसी, चंदौली और राजधानी लखनऊ में पिछले 72 घंटों से लगातार हो रही बारिश ने लोगों के दैनिक कामकाज पर असर डाला है। कई जिलों में स्‍कूलों को रविवार तक के लिए बंद कर दिया गया है। प्रमुख नदियों का जलस्‍तर लगातार बढ़ रहा है और इस समय कई नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में प्रदेश के पूर्वी इलाकों में कुछ स्‍थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

 

 

लगातार हो रही बारिश बनी आफत, अलग-अलग हादसों में हुई 14 लोगों की मौत
लखनऊ
=========

प्रदेश के विभिन्न जिलों लगातार बारिश से बृहस्पतिवार को दर्जनों कच्चे मकान, दीवार, पेड़, बिजली के खंभे,और तार गिर गए। इनसे हुए हादसों के चलते पूर्वांचल में छह लोगों की मौत हो गई। अवध के जिलों में लगातार बारिश से रायबरेली में तीन, बाराबंकी व सीतापुर में दो व अंबेडकरनगर में एक महिला की जान चली गई।

अवध में बाराबंकी जिले के देवा क्षेत्र की नई बस्ती मजरा टाईकला निवासी छत्रपाल चौहान की पुत्री मंजू (4) व अंजू (5) बाबा रामप्रीत के साथ खेत गईं थी। दोनों बच्चियां खेलते हुए खेत के किनारे सड़क के लिए खोदे गए गड्ढे के पास जा पहुंची।

बारिश में गिरा मकान
उसमें बारिश का पानी भरा था। पानी से भरे गड्ढे में डूबकर दोनों बहनों की मौत हो गई। वहीं रायबरेली के खीरों निवासी बुधाना (65) छप्पर के नीचे सो गई। गुरुवार तड़के बारिश के कारण खंभा भरभराकर ढह गया। इससे छप्पर के नीचे सो रही बुधाना की मलबे में दबकर मौत हो गई। गुरुबख्शगंज में छेदीलाल (60) और उसकी पत्नी बिंदाना (58) कच्ची दीवार पर रखे छप्पर के नीचे सो रहे थे। दीवार ढहने से दोनों दब गए। इसमें बिंदाना की मौत हो गई। जबकि जायस में राम बहादुर की बेटी संध्या (6) की मलबे में दबकर मौत हो गई।

बारिश से परेशानी
अंबेडकरनगर के जलालपुर में बारिश के दौरान दीवार ढहने से हरदेई (58) की मलबे में दबकर जान चली गई। जबकि अयोध्या में बारिश के चलते सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। पिछले 20 घंटे में नदी के जलस्तर में 31 सेमी. की वृद्धि हुई। सरयू अब चेतावनी निशान से महज 52 मीटर दूर बह रही है। बारिश के कारण बहराइच के फखरपुर में पांच मकान ढह गए। उधर, सीतापुर में दीवार ढहने से महमूदाबाद निवासी हसीना (40) व लहरपुर में अनारकली (45) की मलबे में दबकर मौत हो गई।

वहीं पूर्वांचल में वर्षा जनित हादसों में आजमगढ़, जौनपुर और चंदौली में एक-एक की मौत हो गई। जबकि वहीं बारिश से लबालब भरे गड्ढे में डूबने से देवरिया में भाई-बहन समेत तीन बच्चों की मौत हो गई।

रायबरेली शहर में चलने लगी नाव
रायबरेली जिले में बुधवार सुबह शुरू हुई भारी बारिश से हर तरफ पानी ही पानी हो गया। शहर क्षेत्र के मोहल्लों में जलभराव हो गया। लोगों के घरों तक में पानी घुस गया। नया पुरवा मोहल्ला पानी से चारों तरफ से घिर गया है। इसलिए लोगों को आने-जाने के लिए निजी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे शहर क्षेत्र में रहने वाली ढाई लाख आबादी को जलभराव की समस्या से दो चार होना पड़ा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed