इतिहास

10 सितम्बर का इतिहास : 10 मोहर्रम सन 61 हिजरी क़मरी को इराक़ के कर्बला में हक़ और बातिल का ज़ोरदार टकराव हुआ!

ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार 10 सितंबर वर्ष का 253 वाँ (लीप वर्ष में यह 254 वाँ) दिन है। साल में अभी और 112 दिन शेष हैं।

10 सितंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
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1823 – साइमन बोलिवर पेरु के राष्ट्रपति बने।
1846 – एलियस होवे ने सिलाई मशीन का पेटेंट कराया।
1847 – हवाई द्वीप में पहला थियेटर खुला।
1914 – फ्रांस एवं जर्मनी के बीच मार्ने का युद्ध समाप्त।
1939 – कनाडा ने द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी के ख़िलाफ़ युद्ध की घोषणा की।
1966 – संसद ने पंजाब एवं हरियाणा के गठन को मंजूरी दी।
1974 – अफ्रीकी देश गिनी ने पुर्तग़ाल से स्वतंत्रता हासिल की।
1976 – इंडियन एयरलाइंस के बोइंग 737 विमान का लाहौर से अपहरण हुआ।
1996 – संयुक्त राष्ट्र आम सभा में व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि 3 के मुकाबले 158 मतों से स्वीकृत, भारत सहित तीन देशों द्वारा संधि का विरोध।
1998 – येवगेनी प्रीमाकोव को रूस का नया प्रधानमंत्री मनोनीत किया गया, दक्षिण कोरिया और आस्ट्रेलिया परमाणु अप्रसार की दिशा में समन्वित प्रयास करने पर सहमत।
1926 – जर्मनी ने ‘लीग ऑफ नेशंस’ की सदस्यता ली।
2002 – यूरोपीय देश स्विट्जरलैंड संयुक्त राष्ट्र का सदस्य बना।
2003 – विश्व व्यापार संगठन की पांचवी मंत्रिस्तरीय बैठक कानकुन में प्रारम्भ।
2007 – नाटकीय घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ़ को स्वदेश लौटने के बाद पुन: जेद्दा निर्वासित किया गया।
2008 – सर्वोच्च न्यायालय ने उपहार अग्निकांड मामले में दोषी ठहराये गए अंसल बंधुओं की जमानत रद्द की।
2009 – जेट एयरवेज़ प्रबंधन और उसके पायलट व्यापक समझौते पर राजी हुए।
2011- भारत-अमेरिका रणनीतिक सहयोग को 21वीं सदी के लिए महत्त्वपूर्ण और अपरिहार्य बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि दोनों देशों के बीच गहरे और व्यापक संबंध हैं, जिनका उद्देश्य एशिया और दुनिया में शांति और समृद्धि क़ायम करना है।
2016- रियो पैरा ओलंपिक में मरियप्पन थंगावेलु ने स्वर्ण पदक और वरुण भाटी ने कांस्य पदक जीता।

10 सितंबर को जन्मे व्यक्ति
1872 – रणजी- प्रसिद्ध भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी।
1887 – गोविन्द बल्लभ पंत – भारतीय स्वतन्त्रता सेनानी एवं उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री।
1892 – भवानी दयाल संन्यासी – राष्ट्रवादी, हिंदी सेवी और आर्यसमाजी थे।
1895 – विश्वनाथ सत्यनारायण – प्रसिद्ध तेलुगू साहित्यकार।
1944 – चित्रा मुद्गल – आधुनिक हिंदी कथा-साहित्य की बहुचर्चित और सम्मानित लेखिका।
1912 – बी. डी. जत्ती – फ़ख़रुद्दीन अली अहमद की मृत्यु के बाद भारत के कार्यवाहक राष्ट्रपति
1890 – राधिकारमण प्रसाद सिंह – हिंदी के आधुनिक गद्यकारों में से एक थे।

10 सितंबर को हुए निधन
1915- जतीन्द्रनाथ मुखर्जी – भारतीय क्रांतिकारी
1923 – सुकुमार राय – बंगाल के लोकप्रिय उपन्यासकार।
1965 – अब्दुल हमीद- परमवीर चक्र विजेता भारतीय सैनिक

1785, प्रुशिया ने अमरीका के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए।

1872, जाने माने क्रिकेटर प्रिंस रणजीत सिंह जी का जन्म हुआ।

1887, भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी गोविंद वल्लभ पंत का जन्म हुआ।

1897, शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले में पहली बार लंदन में जॉर्ज स्मिथ नामक एक टैक्सी ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया।

1914, फ्रांस एवं जर्मनी के बीच मार्ने का युद्ध समाप्त।

1915, क्रांतिकारी जतीन्द्र नाथ मुखर्जी उर्फ बाघा जतीन का बालासोर के अस्पताल में निधन।

1919, सेट जरमैन की संधि के द्वारा ऑस्ट्रीया के साथ प्रथम विश्वयुद्ध की समाप्ति।

1923, आयरलैंड राष्ट्रसंघ में शामिल हुआ।

1926, जर्मनी मित्र राष्ट्रों के संघ में शामिल हुआ।

1943, जर्मनी की सेना ने रोम पर क़ब्ज़ा किया और वेटिकन सिटी की सुरक्षा अपने हाथों में ली।

1951, ब्रिटेन ने ईरान का आर्थिक बाहिष्कार शुरू किया।

1961, सोवियत संघ ने नोवाया जेमलिया क्षेत्र में परमाणु परीक्षण किया।

1966, भारत की संसद ने पंजाब और हरियाणा राज्य के निर्माण पर स्वीकृति प्रदान की।

1996, संयुक्त राष्ट्र आमसभा में व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि-3 के मुक़ाबले 158 मतों से स्वीकृत, भारत सहित तीन देशों द्वारा संधि का विरोध।

1998, येवगेनी प्रीमाकोव को रूस का नया प्रधानमंत्री मनोनीत किया गया।

1998, दक्षिण कोरिया और आस्ट्रेलिया परमाणु अप्रसार की दिशा में समन्वित प्रयास करने पर सहमत।

2003, विश्व व्यापार संगठन की पांचवी मंत्रिस्तरीय बैठक कानकुन में प्रारम्भ।

2002, स्वीट्ज़रलैंड ने राष्ट्र संघ की सदस्यता ग्रहण की।

2007, पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख जनरल मुशर्रफ़ द्वारा प्रधान मंत्री नवाज़ शरीफ़ की सरकार के तख़्तापलट और सात साल तक देश निकाला के बाद शरीफ़ को स्वदेश लौटने के बाद पुन: जेद्दा निर्वासित किया गया।

10 सितम्बर वर्ष 1887 को भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी गोविंद वल्लभ पंत का जन्म अल्मोड़ा ज़िले के खोत नामक स्थान पर हुआ था। वे उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री थे। वे अपने साहस और संकल्प में प्रसिद्ध थे। सरदार वल्लभ भाई पटेल के निधन के बाद वे भारत के गृहमंत्री बने। हिन्दी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने और ज़मीनदारी प्रथा को समाप्त करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। वर्ष 1957 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। भारत रत्न का सम्मान उनके ही गृहमंत्रित्व काल में आरम्भ किया गया।

10 सितम्बर वर्ष 1923 को आयरलैंड संयुक्त राष्ट्र संघ में शामिल हुआ। आयरलैंड यूरोपीय महाद्वीप का एक छोटा सा देश है जिसके चारों ओर प्रकृति का सौन्दर्य फैला हुआ है। पूरा देश हरियाली से भरा हुआ है। यह दुनिया में सबसे बडे द्वीप के रूप में 20वें स्थान पर आता है। इस देश की जनसंख्या लगभग 3.95 करोड़ है। रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड में किसी धर्म को कोई मान्यता प्राप्त नहीं है। ईसाई धर्म को अधिक संख्या में मानने वालों के कारण यहाँ ईसाई धर्म प्रचलित हो गया। इस देश की लगभग 92% जनसंख्या रोमन कैथोलिक धर्म का पालन करती है। केवल 3% लोग प्रोटेस्टेन्ट धर्म को मानते हैं। आयरलैंड में शिक्षा प्राइमरी, सेकेण्डरी और हाइयर तीन स्तरों पर निधारित की गयी है। पिछले कुछ वर्षो में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बहुत अधिक विकास हुआ है। सन 1960 में हुए आर्थिक विकास के कारण शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए अनेक परिवर्तन हुए है। यहाँ सभी स्तरों पर शिक्षा निशुल्क है परन्तु यह सुविधा केवल कुछ देशों के होता के लिए ही हैं।***

10 सितम्बर सन 1914 ईसवी को मेसूरी नामक झील के समीप जर्मनी और रुस की सेनाओं के बीच युद्ध आरंभ हुआ। यह युद्ध प्रथम विश्व युद्ध में संयुक्त मोर्चे में रुस की भागीदारी के बाद आरंभ हुआ। मेसूरी युद्ध में हेडनबर्ग के नेतृत्व में जर्मन सेना ने विजय प्राप्त की। और लगभग 20 हज़ार रुसी सैनिक मारे गये और 45 हज़ार को बंदी बना लिया गय। अंतत: वर्ष 1917 में रुस में क्रान्ति आने के बाद यह देश प्रथम विश्व युद्ध से बाहर निकल गया।***


10 सितम्बर सन 1919 ईसवी को प्रथम विश्व युद्ध के विजयी देशों और ऑस्ट्रिया हंग्री शासन के बीच सेन्ट जर्मन समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते के आधार पर ऑस्ट्रिया को ऑस्ट्रिया हंग्री और चेकोस्लवाकिया में विभाजित कर दिया गया। इसी प्रकार उसका कुछ भाग इटली,योगोस्लाविया, सोवियत संघ पोलैन्ड और रोमानिया के दे दिया गया। दूसरी ओर युद्ध के आरंभ में ऑस्ट्रिया की संसद ने इस देश द्वारा जर्मनी का साथ दिए जाने पर सहमति जताई थी किंतु सेंट जर्मन समझौते के आधार पर जर्मनी ऑस्ट्रिया की एकता समाप्त हो गयी। और इन दोनों देशों को भविष्य में भी हर प्रकार की सैनिक और राजनैतिक सहकारिता से रोक दिया गया। प्रथम विश्व युद्ध के विजेताओ ने जर्मनी और ऑस्ट्रिया को पुन: अपनी खोई हुयी शक्ति प्राप्त करने से रोकने के लिए यह क़दम उठाया।***

10 सितम्बर सन 1954 ईसवी को अलजीरिया के दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र ओरालियान वेल में भीषण भूकम्प आया। जिसके कारण 10 हज़ार व्यक्ति मारे गये। और दसियों हज़ार लोग बेघर हो गये।

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19 शहरीवर सन 1358 हिजरी शम्सी को ईरान के संघर्षकर्ता धर्मगुरु आयतुल्ला सैयद महमूद तालेक़ानी का हृदयगति रुक जाने से देहान्त हुआ। वे 1284 हिजरी शम्सी में तालेक़ान प्रांत के एक गांव में पैदा हुए। युवावस्था से उन्होंने ईरान और विश्व के राजनैतिक परिवर्तनों पर गहरी नज़र रखी। उन्हें तत्कालीन अन्यायी सरकार के विरुद्ध राजनैतिक गतिविधियों के कारण ज़ेल भी जाना पड़ा। इस्लामी क्रान्ति की सफलता के समय भी वे जेल में थे किन्तु क्रान्ति की सफलता के बाद उन्हें जेल से निकाल गया। जनता ने उनका भव्य स्वागत किया। इमाम ख़ुमैनी ने उन्हें संसद सभापति और तेहरान का इमामे जुमा नियुक्त किया। ईरान में वरिष्ठ नेता का चयन करने वाली परिव में भी उन्होंने तेहरान की जनता का प्रतिनिधित्व किया।

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10 मोहर्रम सन 61 हिजरी क़मरी को इराक़ के कर्बला में हक़ और बातिल का ज़ोरदार टकराव हुआ। इस प्रकार इस्लामी तथा मानवता के इतिहास की अंत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशीन घटना हुई। आज के दिन इमाम हुसैन ने अपने 72 साथियों के साथ ईश्वरीय मार्ग की रक्षा और अत्याचार का मुक़ाबला करने के लिए यज़ीद की बड़ी सेना से युद्ध किया। इमाम हुसैन इराक़ के कूफ़ा नगर के निवासियों के निमंत्रण पर इस नगर की ओर जा रहे थे ताकि उन्हें यज़ीद के अत्याचार से छुटकार दिलाएं। किंतु यज़ीदी सेना ने इमाम हुसैन का रास्ता रोक दिया और उनसे बैअत मांगी जिसका इमाम हुसैन ने कड़ाई से विरोध किया । इस प्रकार इमाम हुसैन और यज़ीद की सेना के बीच दस मोहर्रम की सुबह से युद्ध छिड़ा जो दोपहर बाद तक जारी रहा। इतने कम समय में इमाम हुसैन के 72 साथियों ने बलिदान, शहादत और वफ़ादारी का वो उदाहरण पेश किया जिससे प्रलय तक हर व्यक्ति, प्रेरणा लेता रहेगा।

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