इतिहास

8 सितम्बर का इतिहास : 8 सितम्बर 1960 को प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और लोकसभा के प्रभावशाली सदस्य फ़ीरोज़ गाँधी का निधन हुआ

ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार 8 सितंबर वर्ष का 251 वाँ (लीप वर्ष में यह 252 वाँ) दिन है। साल में अभी और 114 दिन शेष हैं।

8 सितंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
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1271 – जाॅन XXI का पोप के रूप में चयन ।
1320 – गाजी मलिक दिल्ली का सुल्तान बना।
1331 – स्टीफन उरोस चतुर्थ ने खुद को सर्बिया का राजा घोषित किया।
1449 – टुमू किले का युद्ध- मंगोलिया ने चीन के सम्राट को बंधक बनाया।
1553 – इंग्लेंड में लिचफिल्ड शहर का निर्माण।
1563 – मैक्सीमिलियन को हंगरी का राजा चुना गया।
1689 – चीन और रूस ने नेरट्सजिंस्क(निरचुल) की संधि पर हस्ताक्षर किया।
1900 – टेक्सास के गैलवेस्टोन में चक्रवाती और ज्वारीय तूफान से 6000 लोगों की मौत
1952 – जेनेवा में काॅपीराइट के लिये पहले विश्व सम्मेलन में भारत समेत 35 देशों ने किये हस्ताक्षर।
1962 – चीन ने भारत की पूर्वी सीमा में घुसपैठ किया।
1988 – जाने माने व्यवसायी विजयपत सिंघानिया अपने माइक्रो लाइट सिंगल इंजन एयरक्राफ्ट से लंदन से अहमदाबाद पहुँचे।
1991 – मैसिडोनिया गणराज्य स्वतंत्र हुआ।
1997 – अमेरिकी ओपन टेनिस चैम्पियनशिप में पैट्रिक राफ़्टर को प्रथम ग्रैंड स्लैम ख़िताब मिला।
1998 – 2001 में निर्धारित 13वें गुट निरपेक्ष आंदोलन की मेजबानी बांग्लादेश को सौंपी गयी।
2000 – भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र शांति शिखर सम्मेलन के दौरान हिन्दी में भाषण देते हुए पाकिस्तान को लताड़ा।
2002 – नेपाल में माओवादियों ने 119 पुलिस कर्मियों को मार डाला।
2003 – इस्रायल के प्रधानमंत्री एरियल शैरोन चार दिवसीय भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुँचे।
2006 – महाराष्ट्र के नासिक ज़िले में मालेगाँव बम धमाके।
2008 -सर्वोच्च न्यायालय ने कैनफिना म्यूचुअल फण्ड घोटाले मामले के मुख्य अभियुक्त और शेयर दलाल केतन पारिख व अन्य आरोपियों को ज़मानत दी।
प्रसिद्ध अमेरिका पत्रिका फोर्ब्स ने भारतीय अरब पति लक्ष्मी मित्तल को लाइफ टाइम अचीवमेण्ट अवार्ड देने की घोषणा की।
2009 – भारत ने विमान वाहक पोत एडमिरल गोर्शकोव को नए कलपुर्ज लगाकर तैयार करने के लिए रूस को 10 करोड़ 20 लाख डालर दिये।

8 सितंबर को जन्मे व्यक्ति
1926 – भूपेन हज़ारिका – भारत के ऐसे विलक्षण कलाकार, जो अपने गीत खुद लिखते थे, संगीतबद्ध करते थे और गाते थे।
1933 – आशा भोंसले, प्रसिद्ध पार्श्व गायिका।
2002 – लॉरी विलियम्स, वेस्ट इंडीज के क्रिकेटर
1910 – राधाकृष्ण, हिन्दी के यशस्वी कहानीकार।

8 सितंबर को हुए निधन
1982 – शेख़ मोहम्मद अब्दुल्ला – जम्मू और कश्मीर के क्रांतिकारी नेता, जो बाद में इस राज्य के प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री बने।
1960- फ़ीरोज़ गाँधी – प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और लोकसभा के प्रभावशाली सदस्य।

Naval Kant Sinha | नवल कांत सिन्हा | نول کانٹ سنہا
@navalkant

महात्मा गांधी के पुत्र जैसे, पंडित जवाहर लाल नेहरू के दामाद, इंदिरा गांधी के पति, संजय और राजीव गांधी के पिता, प्रियंका, राहुल गांधी के दादा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, रायबरेली के सांसद रहे फ़िरोज़ गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर नमन 💐

8 सितंबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव
विश्व साक्षरता दिवस

8 सितम्बर सन 1763 ईसवी को वर्षों के संघर्ष के बाद अंतत: कैनेडा, पेरिस समझौते के आधार पर फ़्रांस के अधिकार से स्वतंत्र हुआ।

इस प्रकार औपचारिक रुप से इसे ब्रिटेन का समर्थन प्राप्त हुआ किंतु फ़्रान्सीसी मूल के केनेडाइयों और कैनेडा में रह रहे ब्रिटेन वासियों के बीच लम्बे समय तक विवाद जारी रहा। वर्ष 1867 ईसवी को कैनेडा की स्वाधीनता के बावजूद यह देश राजनैतिक व्यवस्था की दृष्टि से ब्रिटेन का अनुयायी है।

8 सितम्बर सन 1941 ईसवी को नाजी जर्मनी के सैनिकों ने सोवियत संघ पर आक्रमण के तीन महीने बाद लेनिन्ग्राड का परिवेष्टन कर लिया किंतु हिटलर और उसके सेनाकमांडरों के अनुमान के विपरीत इस नगर पर नाज़ी सेना का अधिकार न हो सका बल्कि जनवरी सन 1944 तक इस नगर की जनता ने संघर्ष किया और यह परिवेष्टन तोड़ दिया। परिवेष्टन के काल में इस नगर के लोगों को अजीविका बहुत कठिनाई से प्राप्त होती थी। इसी कारण लगभग 10 लाख लोग मारे गये किंतु सोवियत संघ की सेना के निरंतर आक्रमण और हिटलर पर कुछ अन्य मोर्चों से भी प्रहार होने तथा सोवियत संघ की कड़ाके की सर्दी के कारण जर्मनी की सेना पीछे हटने पर विवश हो गयी।


8 सितम्बर सन 1948 ईसवी को जर्मनी के संगीतकार रिचर्ड एश्ट्रोविस का निधन हुआ। उनका जन्म सन 1864 में हुआ। उन्हें 19वीं और 20वीं शताब्दी में आधुनिक संगीत की एक विशेष शैली का जनक समझा जाता है।

8 सितम्बर सन 1954 ईसवी को फ़िलीपीन की राजधानी मनीला में दक्षिण पूर्वी एशिया के संयुक्त सुरक्षा समझौते सीटो पर हस्ताक्षर हुए। यह समझौता अमरीका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, फ़्रांस, पाकिस्तान, थाइलैंड, न्यूज़ीलैंड और फ़िलीपीन के बीच हुआ। समझौते के सदस्य देश वचनबद्ध हुए कि यदि इनमें से किसी देश पर भी बाहरी आक्रमण हो या आंतरिक विद्रोह उभरे तो दूसरे सदस्य देश शत्रु पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने या उसके विरुद्ध सैनिक कार्रवाई जैसी प्रतिक्रिया दिखाएंगे।

वियतनाम युद्ध में अमरीका की पराजय के बाद सन 1975 में यह समझौता निरस्त हो गया।

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17 शहरीवर सन 1357 हिजरी शम्सी को ईरान के अत्याचारी शासक के सैनिकों ने तेहरान में जनता के व्यापक प्रदर्शन पर भयानक आक्रमण किया। कई दिनों से लोग शाह के अत्याचारों के विरुद्ध भोर से ही प्रदर्शन कर रहे थे। इस बीच तेहरान में सैनिक शासन की घोषणा कर दी गयी थी किंतु लोगों ने इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया और सड़कों पर सैनिकों तथा सैन्य उपकरणों की परवाह किए बिना शाह के अत्याचारों के विरुद्ध नारे लगाए।
अचानक शाह के सुरक्षा बलों ने फ़ायरिंग आरंभ कर दी और थोड़ी ही देर में 4 हज़ार नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया और कई हज़ार लोगों को घायल कर दिया। वो दिन शुक्रवार का था उस दिन को रक्तरंजित शुक्रवार या शहीद दिवस कहा गया।
इस आक्रमण का लक्ष्य लोगों को डराकर उनके विद्रोह को कुचलना था किंतु लोगों ने और भी उत्साह के साथ अपने प्रदर्शन जारी रखे। रक्तरंजित शुक्रवार के बारे में इमाम ख़ुमैनी ने अपने एक संदेश में लिखा था ईरान का चेहरा आज पुष्पित है, हर जगह उत्साह और साहस का दृष्य दिखाई पड़ रहा है। हॉ यही है अमीरुल मोमनीन अलैहिस्सलाम का मार्ग और शहीदों के सरदार इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का मार्ग। काश ख़ुमैनी भी तुम्हारे बीच होता और ईश्वर के मार्ग में शहीद होता। ईरानी राष्ट्र को आश्वस्त रहना चाहिए कि जल्दी या देरी से सफलता उसे मिलनी ही है।

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8 मोहर्रम सन 329 हिजरी क़मरी को ईरान के प्रख्यात गणितज्ञ और खगोल शास्त्री अबू सहल कूही का जन्म हुआ। उन्होंने अपने जीवन का अधिक समय बग़दाद के ज्ञान केन्द्रों में बिताया। उन्होंने 30 साल तक सितारों के बारे में अध्ययन और शोध कार्य किया। अबू सहल कूही ने कठिन परिश्रम से एक वेधशाला तैयार की थी जो बहुत समय तक प्रयोग की जाती रही। अबू सहल कूही की कई पुस्तकें अब भी मोजूद हैं। जिनमें “दवाएरे हेमासा” और “सनअते उस्तुलिब” उल्लेखनीय हैं।

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