इतिहास

9 सितम्बर का इतिहास : 1920 में एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय में रूपांतरित हुआ, सिनेमा इतिहास के महानतम निर्माता-निर्देशक महबूब ख़ान जन्मे!

ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार 9 सितंबर वर्ष का 252 वाँ (लीप वर्ष में यह 253 वाँ) दिन है। साल में अभी और 113 दिन शेष हैं।

9 सितंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
1776 – अमेरिकी संसद कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर देश का नाम ‘यूनाइटेट कॉलोनीज़’ से बदलकर संयुक्त राज्य अमेरिका किया।
1850 – कैलीफोर्निया अमेरिका का 31वां राज्य बना।
1867 – यूरोपीयीय देश लक्जमबर्ग ने स्वतंत्रता हासिल की।
1915 – प्रसिद्ध भारतीय क्रांतिकारी जतिन्द्रनाथ सान्याल और अंग्रेज़ों के बीच उड़ीसा के काप्टेवाड़ा में संघर्ष।
1920 – अलीगढ़ का एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय में रूपांतरित हो गया।
1924 – 9 सितंबर से 11 सितंबर तक भारत में कोहाट दंगे हुए।
1949 – भारत की संविधान सभा ने हिन्दी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया।
1976 – माओ त्से तुंग का देहावसान एवं कुओ फ़ेंग राष्ट्रपति बने।
1939 – द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान नाजी सेना वर्साय पहुँची।
1954 – अफ्रीकी देश अल्जीरिया में भूकंप से 1400 लोग मरे।
1965 – तिब्बत चीन का स्वायत्त क्षेत्र बना।
1967 – युगांडा ब्रिटेन से आज़ाद हुआ।
1979 – जोगेन्द्र नाथ हज़ारिका ने मुख्यमंत्री का पद ग्रहण किया।
1991 – तज़ाकिस्तान ने सोवियत संघ से स्वतंत्रता हासिल की।
1998 – अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और मोनिका लेविंस्की प्रकरण पर स्वतंत्र वकील केनेथ स्टार ने अपनी बहुचर्चित रपट कांग्रेस को प्रेषित किया।
1999 – भारत के महेश भूपति तथा जापान की आर्क सुगियामा की जोड़ी ने अमेरिकी ओपन का मिश्रित युगल ख़िताब जीता।
2001 – वीनस विलियम्स ने छोटी बहन सेरेना को ग्रैंडस्लैम फ़ाइनल में हराया।
2002 – पीट सम्प्रास ने आंद्रे अगासी को हराकर अमेरिकी ओपन टेनिस ख़िताब जीता।
2004 – फ़िलिस्तीन के प्रधानमंत्री अहमद कुरेई ने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया।
2005 – चीन बीजिंग स्थित छाओयांग पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण।
2006 – अंतर्राष्ट्रीय दबाव के मद्देनज़र इस्रायल द्वारा आठ सप्ताह से की गयी लेबनान की नौसैनिक घेराबन्दी को समाप्त किया गया। अमेरिकी राज्य फ़्लोरिडा के केप कनैवरल स्पेस सेंटर से अंतरिक्ष यान अटलांटिस ने अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी।
2007 – वेनिस फ़िल्म फ़ेस्टिवल में हॉलीवुड एक्टर ब्रैड पिट को बेस्ट एक्टर का तथा केट ब्लैंशट को बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड प्रदान किया गया।
2008 -हिन्दी साहित्य के मूर्धन्य रचनाकार तथा लोकवार्ताकार डॉ.अर्जुनदास केशरी को ‘साहित्य महोपाध्याय’ अलंकरण प्रदान करने की घोषणा की गई।
सर्वोच्च न्यायालय ने सी.बी.आई. को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के दो जजों निर्मल यादव और निर्मल जीत कौर से 15 लाख रुपये के घूसकांड में पूछताछ की इजाज़त दी।
2009 – रेल मंत्रालय ने गृह मंत्रालय की तर्ज पर अपने कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली शुरू करने की घोषणा की।
2010 – ‘दादा साहब फाल्के पुरस्कार’ देने का निर्णय को लिया गया।
2011-पुराविज्ञानियों ने एक अवशेष का पता लगाया है। यह मनुष्य का सबसे पुराना पूर्वज है जो लगभग 20 लाख वर्ष पूर्व पृथ्वी पर पाया जाता था। यह बंदर जैसा दिखता है और इसका नाम ‘आस्ट्रेलोपिथिकस सेडिबा’ है।
वैज्ञानिकों को ऑटिज़्म से जुड़े दो अलग-अलग जैविक तनाव का पता चला है, जिनके बारे में उनका दावा है कि इससे बीमारी के प्रभावी इलाज का विकास हो सकेगा। इन खोजों की तुलना 1960 के दशक में हुई कैंसर के विभिन्न प्रकारों की खोजों से की जा रही है और इनसे उम्मीद जागी है कि इनसे ऑटिज़्म ग्रस्त बच्चों के संपर्क, सामाजिकरण और अन्य समस्याओं को ज़्यादा आसानी और जल्दी से निपटा जा सकेगा।
2012 – इराक में बम हमले में सौ से अधिक लोगों की मौत, 350 अन्य घायल।

9 सितंबर को जन्मे व्यक्ति
1828 – लियो टॉल्सटॉय- महान् रूसी उपन्यासकार।
1850 – भारतेन्दु हरिश्चंद्र- प्रसिद्ध हिन्दी लेखक और नाटककार।
1907 – महबूब ख़ान – भारतीय सिनेमा इतिहास के अग्रणी निर्माता-निर्देशक थे।
1905 – हुसैन शा- भारतीय दार्शनिक।
1967 – अक्षय कुमार- बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता।
1974 – विक्रम बत्रा- भारतीय सैनिक।
1909 – लीला चिटनिस- प्रसिद्ध हिन्दी फ़िल्म अभिनेत्री।
1874 – गोपाल चंद्र प्रहराज- उड़िया भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार तथा भाषाविद।
1942 – मणि मधुकर- प्रसिद्ध साहित्यकार।
1932 – कान्ति कुमार जैन- हिन्दी के प्रसिद्ध रचनाकार।
1894 – हमीदुल्लाह ख़ान – भारत में भोपाल रियासत के अंतिम नवाब थे।
1880 – अर्जुन लाल सेठी – भारत के स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे।

9 सितंबर को हुए निधन
1982 – शेख अब्दुल्ला- कश्मीर के नेता।
1981 – लाला जगत नारायन – प्रसिद्ध पत्रकार तथा हिन्द समाचार समूह के संस्थापक थे।
1968 – रामवृक्ष बेनीपुरी – भारत के प्रसिद्ध उपन्यासकार, कहानीकार, निबंधकार, नाटककार, क्रान्तिकारी, पत्रकार और संपादक।
2012- वर्गीज कुरियन- प्रसिद्ध उद्योगपति एवं श्वेत क्रांति के जनक।
1947 – आनन्द कुमार स्वामी – भारत के सुविख्यात कलामर्मज्ञ तथा चिन्तक।

9 सितम्बर 1945 ईसवी को ग्रीस हूपर कम्प्युटर का पहला बग चिन्हित किया।

• 9 सितम्बर 2012 को इंडियन स्पेस एजेंसी ने सबसे भारी विदेशी सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित किया।
• 9 सितम्बर सन 1791 ईसवी को संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति जार्ज वाशिंग्टन के नाम पर इस देश की राजधानी का नाम वाशिंग्टन डीसी रखा गया।


9 सितम्बर 1945 इसवी को जापानी सैनिकों के हथियार डालने के समझौते पर हस्ताक्षर हुए इन सैनिकों ने चीन पर अतिग्रहण कर लिया था। जापान के तत्कालीन नरेश हीरुहीतू के आदेश पर 10 लाख जापानी सैनिकों ने हथियार डाले और चीन तथा जापान का ऐतिहासिक युद्ध समाप्त हुआ। चीन की यह सफलता सशस्त्र कम्यूनिस्ट सैनिकों और चीन की सरकारी सेना के बीच एकता का परिणाम थी। किंतु जापान को पराजित करने के बाद चीन में दोनों पक्षों के बीच आंतरिक युद्ध आरंभ हो गया जिसमें कम्युनिस्ट सैनिकों की जीत हुई और चीन में कम्युनिश्ट शासन व्यवस्था स्थापित हुई।

9 सितम्बर सन 1948 ईसवी के द्वितीय विश्व युद्ध और कोरिया प्रायद्वीप के विभाजन के बाद उत्तरी कोरिया ने अपनी स्वाधीनता की घोषणा की। कोरिया का इतिहास विदेशी आक्रमणों से भरा पड़ा है। वर्ष 1905 में जापान ने चीन और रुस को पराजित करके कोरिया पर क़ब्ज़ा किया और द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति तक इसे अपने नियंत्रण में रखा। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान चीन और कोरिया के स्वतंत्रता संग्रामियों ने जापान से संघर्ष किया। किंतु इस इलाक़े की स्वतंत्रता के बजाए वर्ष 1945 में उत्तरी कोरिया पर रुस और दक्षिणी कोरिया पर अमरीका का अधिकार हो गया बाद में दक्षिणी कोरिया ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की जिसके एक महीने बाद आज के दिन उत्तरी कोरिया ने भी अपनी स्वाधीनता की घोषणा की। अब इस क्षेत्र का महत्वपूर्ण मामला दोनो कोरियाओं का एक देश में परिवर्तित होना है जिसके लिए भी वार्ताएं जारी हैं।

9 सितम्बर सन 1976 ईसवी को चीन के विश्व विख्यात नेता माओ त्से तोंग का निधन हुआ। उनका जन्म 1893 ईसवी को हुआ था। वर्ष 1921 में उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर कम्युनिष्ट पार्टी की आधार शिला रखी। माओ, कम्युनिष्ट आंदोलन द्वारा कृष्कों के समर्थन पर बल देते थे। इसी कारण ग्रामीण क्षेत्रो में उनक बहुत से समर्थक पैदा हो गये। वर्ष 1934 में 1 लाख कम्यूनिष्ट सैनिकों ने माओ के नेतृत्व में चीन के उत्तर से दक्षिण तक मार्च किया। इसमे एक वर्ष का समय लगा। माओ के नेतृत्व में कम्युनिष्टों ने वर्ष 1949 में सरकार बनायी जो चीन की एक शक्तिशाली सरकार में परिवर्तित हो गयी। कम्युनिज़्म के बार में माओ का विचार मार्क्स तथा लेनिन विचारधाराओं से कुछ अलग है इसे माओइज़्म कहा जाता है।

9 सितम्बर सन 1991 ईसवी को ताजेकिस्तान ने सोवियत संघ से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की। रुस के ज़ार शासकों ने 19वीं शताब्दी से इस देश पर अपना नियंत्रण जमाया किंतु 1980 के दशक मे सोवियत संघ में होने वाले राजनैतिक परिवर्तनों के बाद ताजेकिस्तान ने भी अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की।

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18 शहरीवर सन 1348 हिजरी शम्सी को ईरान के प्रसिद्ध लेखक जलाल आले अहमद का निधन हुआ। वे सन 1302 हिजरी शम्सी को तेहरान मे जन्मे। वर्ष 1325 हिजरी शम्सी को उन्होंने विश्व विद्यालय में साहित्य के विषय की शिक्षा पूरी की। द्वितीय विश्व युद्ध की ज्वलंत परिस्थितियों के दौरान वे राजनीति में उतरे। और समाचार पत्रों तथा प्रत्रिकाओं में उनके लेख छपने लगे। और वर्ष 1332 से वे गमभीरता के साथ शिक्षा देने अध्ययन और लिखने में व्यस्त हो गये। वे छोटी कहानियां लिखने में व्यस्त हो गये। लिखने की उनकी एक विशेष शैली थी। वे कहानियों के रुप में सामाजिक तथा राजनैतिक समस्याओं की उल्लेख करते। ईरानी समाज में पश्चिमी संस्कृति के प्रचलन को देखकर आले अहमद को बहुत दुखा हुआ। इसी विषय में उन्होंने वर्ष 1341 में पश्चिम के मारे हुए लोग नामक एक पुस्तक लिखी। जिसमें उन्होने पश्चिमी संस्कृति की बुराइयों का उल्लेख करते हुए इससे बचने के मार्ग बताए थे। उन्होंने इसके अतिरिक्त भी कई पुस्तकें लिखी हैं।

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9 मोहर्रम सन 61 हिजरी क़मरी को कर्बला में यज़ीद के सिपाही स्वयं को इमाम हुसैन और उनके साथियों पर आक्रमण के लिए तैयार कर रहे थे किंतु इमाम हुसैन अ ने अपने भाई अबुल फ़ज़लिल अब्बास को भेजकर यज़ीद की सेना से एक रात का समय मांगा ताकि वे ईश्वर की उपासना कर सकें। आज की रात इमाम हुसैन अ अपने साथियों के बीच खड़े हुए और ईश्वर का गुणग़ान करने के बाद बड़ी विनम्रता के साथ उन्होंने अपने साथियों से कहा कि यज़ीद की सेना मेरे खून की प्यासी है तुम लोग चाहो तो इस रात के अंधेरे में मुझे छोड़कर चले जाओ क्योंकि कल यज़ीदी सेना के साथ युद्ध में हम सबको शहीद होना है किंतु इमाम हुसैन के निष्ठावान साथियों ने अंतिम सांस तक पैग़म्बरे इस्लाम के नाती का साथ देने का दृढ़ संकल्प कर रखा था और उन्होंने अपने इस संकल्प को व्यवहारिक रुप भी दिया।

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